आप खास हो | everyone is unique

 

आप खास हो, इसलिए कभी दूसरों से अपनी तुलना मत करो। हर व्यक्ति की अपनी अपनी विशेषताएँ हैं, और यही अद्वितीयता ही हमें खास बनाती है। खुश रहो कि आप unique हो आपमें कुछ अलग विशेषताएं हैं । अपने आप को कभी दूसरों से तुलना नहीं करना चाहिए और ना ही कभी किसी को किसी अन्य से तुलना करना चाहिए।

जिस प्रकार इस धरा पर काफी तादात में वृक्ष है, पर क्या सभी एक समान है ? क्या सभी में एक ही प्रकार के फूल खिलते है ? क्या उसमे खिलने वाले फूल एक समान खुशबू देते हैं? क्या सभी एक ही प्रकार के फल देते है ? क्या सबकी एक ही प्रकार की आवश्यकता है ? क्या सभी एक ही जैसी छांव देते है ? क्या सभी एक ही प्रकार की गुणवत्ता को धारण करते है ? नहीं ना……

वैसे ही इस संसार में भले ही भगवान ने हमें एक समान दिखने वाला इंसान बनाया है, परंतु सबकी गुणवत्ता अलग अलग है। सबकी एक विशिष्ट क्वालिटी है। सबकी अपनी अपनी अलग पहचान है। कोई किसी में अच्छा है, तो कोई उसी क्षेत्र में खराब सबकी सोचने की शक्ति समान नहीं है ।

उदास ना हो आप unique हो
आप खास है

कहते तो है कि जब एक इंसान किसी कार्य को करने की क्षमता रख सकता है, जब एक व्यक्ति कोई कार्य को करके दिखला सकता है। तो तुम क्यूं नहीं ? आखिर वो भी तो एक इंसान है

कभी आपको भी ऐसे सवालों ने घेरा होगा🤔

पर मित्रों ये पूरी तरह सत्य नहीं है, कि जब कोई इंसान किसी कार्य को करता है तो उसी कार्य को वो दूसरा इंसान भी कर सकता है।

यदि ऐसा होता तो आज IAS की चाहत रखने वाले सब IAS होते। इस उदाहरण से समझ आया ही होगा कि यदि वैसा होता तो यहां इस संसार में हर किसी की मनोकामना पूर्ण होता या कहें इच्छा पूर्ण होता । कोई निराश नहीं होता ।

अब आप सोच सकते हैं की हर कोई IAS बन नही सकता उसके लिए उस लायक होना पड़ता है, वो गुणवत्ता रखना पड़ता है। जो कि हर किसी के पास मौजूद नहीं होता। इसमें एक इंसान की परिस्थिति भी भागीदार है।

हर एक इंसान की अपनी अलग एक पहचान है, अपना एक गुण है। अपना एक अलग चरित्र है अपना एक व्यक्तित्व है । तो कभी अपने आप को किसी से तुलना ना करना। ना ही उदास होना की वो कर सकता है मैं क्यूं नही। क्योंकि हो सकता हैं जो आप कर सकते हो उसे वो ना कर पाए। बात को समझ रहे हो ना क्या कहना चाह रहा हूं। आपकी अपनी एक अलग छवि है। इंसान दिखने को समान है, पर सबकी  गुणवत्ता भिन्न भिन्न है। आप इस संसार में खास हो ।

आप खास हो, इसलिए कभी दूसरों से अपनी तुलना मत करो। हर व्यक्ति की अपनी अपनी विशेषताएँ हैं, और यही अद्वितीयता ही हमें खास बनाती है। खुश रहो कि आप unique हो आपमें कुछ अलग विशेषताएं हैं

तुलना यदि सकारात्मकता के साथ हो रही है तो वो स्वस्थ स्पर्धा कहलाती है इससे दोनों को ही फायदा होगा पर तुलना नकारात्मक रूप में हो तो वह निराशा , जलन , द्वेष , कुंठा को जन्म देता है । जो आपके लिए हानिकारक है ।

आपके अन्दर जो खासियत है ना वो आप ही समझ सकते हो जब तक उसे आप लोगों के सामने नही लाओगे वो आप तक ही सीमित रहेगा लोगों को इसके बारे में मालूम ही नही होगा । तो जहां आपके हुनर की जरूरत हो वहां उसका उपयोग अवश्य करें ।

हर परिवार, समाज में हर किसी की अपनी एक भूमिका है अपनी एक प्रस्थिति है , और हम सब एक दूसरे के interdependence ( अन्योन्याश्रित ) है । एक के अभाव में दूसरा रुक जाता है ,हम एक दूसरे के लिए है । एक दूसरे पर परस्पर निर्भर हैं जो यह दर्शाता है कि आप खास हैं ।

कई बार अपनी खासियत को आप स्वयं ही महसूस कर लेते हैं खुद ही समझ पाते हैं नही तो यह किसी और के माध्यम से आपको पता चलता है जब कोई आपको नोटिस करता है तो तब पता चलता है ।

जब जिंदगी में परेशानी आती है तो लगने लगता है कि आप इस दुनिया में सबसे बदनसीब हैं , आपको लगने लगता है कि ये सब मेरे साथ ही क्यों, मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है । और ऐसे परिस्थितियों को भी आप हंसते हंसते सह जाते हो उसका डटकर मुकाबला करते हो क्योंकि आप खास हो वरना हार मानने वाले कब का हार मान लेते हैं । आप में वो क्षमता थी कि आप उसका सामना कर पाए नहीं तो हर कोई ऐसी समस्या आने पर परेशान हो जाता है या इन सबसे दूर चला जाता है ।

मैने अक्सर देखा है और सुना भी है कि घर वाले अक्सर दूसरों के बच्चे से अपने बच्चे को तुलना करते हैं और उसे ताने मारते हैं । जैसे – देख उसके बेटे को कैसे वो क्लास में टॉप करता है घर का हर काम करता है और तू निकम्मा तुझसे कुछ नहीं होता । कई बार ये ताने बच्चे को मोटिवेट करता है और कई बार यह उस बच्चे के प्रति मन में जलन , द्वेष पैदा कर देता है ।

माता पिता अपनी जगह सही होते है वो तो अपने बच्चे को आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं पर ऐसा करते करते वो अपने बच्चे की अच्छी खूबियों को भी नहीं देख पाते हैं । जिसे उन्हें समझना चाहिए और उसकी तारीफ करनी चाहिए कि उसका बच्चा खास हैं , उसके पास ऐसे खूबियां है जो किसी और के पास नही है ।

माना कि हर किसी के पास कुछ ना कुछ टैलेंट होता है लेकिन उसका उपयोग ही ना  हो तो वो किसी काम का नही इसलिए आपको ही अपने टैलेंट को पहचानना होगा  आपको अपनी गुणवत्ता की पहचान स्वयं करना होगा।  आपका सामर्थ्य को आपको स्वयं पहचाना है। क्योंकि आप खास हो । आप खुश रहो कि आप खास हो, जो आपमें गुणवत्ता है वो किसी और में नही है।

मैं उम्मीद करता हूं आप इसे समझ गए होंगे🙏

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