तु वो ना कर जो ये दुनिया चाहता है
तु वो कर जो तेरा दिल चाहता है
ये दुनिया का क्या है
ये तो हर रोज बदल जाता है
पर ये दिल वो चाहता है
जो ये दुनिया नही जानता है।
होंगे कई सपने भी तुम्हारे
पर उसे अपनाने से डरता है
क्यों इस भीड़ भाड़ की दुनिया से
बिछड़ने से घबराता है।
क्या करेगा भीड़ के पीछे चलकर
जब तेरा दिल ही उसे नहीं चाहता है
जबरदस्ती अपने सपनों को
क्या के लिए ठूकराता है।
माना कि
बहुत मुश्किल है दिल को समझा पाना
क्योंकि ये दुनिया ही मोहमाया है
पर इतना याद रखना
तुमसे ज्यादा तुमको, और कोई नही जानता है ।
कभी मौका मिले तो
झांककर देखना दिल की गहराई को
वो भी यही कहेगा तुमसे
ये मत सोच दुनिया क्या बोलेगा
कुछ कर फिर दुनिया तुझे देखेगा
तु वो ना कर जो ये दुनिया चाहता है
तु वो कर जो तेरा दिल चाहता है।

आज आप स्वयं देखते ही होगे की हमें सलाह देने वाले अनेकों मिल जाते हैं, पर क्या वो वाकई में सही होते हैं या गलत इससे हम अनजान रहते हैं ।
अधिकतर युवा वर्ग ऐसे ही स्थिति का सामना करता है, उन्हें सलाह देने वाले कई मिल जाते है कोई कहेगा वो कर ले, कोई कहेगा ये करले बेचारा वो आदमी बड़ा ही परेशान हो जाता है, असमंजस में पड़ जाता है। उसके भीतर से भी आवाज आता है, पर वो पूरी तरह भ्रमित हो जाता है। उसे समझ नहीं आता की वो करे तो क्या करे।
इस बदलती दुनिया में हमारे पास कैरियर्स के कई ऑप्शंस है। पर इतने ऑप्शंस होने के बावजूद हम ये डिसाइड नहीं कर पाते कि हम करें तो क्या करें किस राह में जाएं हमारा दिल हमें सही मार्ग दिखाने का प्रयास करता है पर हम भीड़ के पीछे चलने का प्रयास करते हैं पर हमारा दिल कुछ और चाहता है, वो ये चाहता है कि आप अपने दिल की बात सुनें।
मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ की आप बहुत सोच कर रखे होंगे कि आपको फ्यूचर में क्या करना है पर आप इस भीड़ को देख कर घबरा से जाते हैं। आप हट कर सोचते हैं पर आप इस भीड़ भाड़ की दुनिया को देखकर यह सोच में पड़ जाते हैं कि आप सही कर रहे हैं या गलत पर आप सही कर रहे होते है। इसलिए सदैव आपको अपने दिल की बातें सुनना चाहिए।
आपका दिल चाहता है की आप अपना सपना पूरा करें, आपका दिल चाहता है की आप जो सोचते हैं वो करें । आप ये न करें की आप इस भीड़ के पीछे चलें। एक बात कहता हूँ जब आप अपने इच्छा के विरुद्ध कोई कार्य करते हैं तो आपको निराशा के अलावा कुछ हासिल नहीं होता। इसलिए आप खुद के विरुद्ध जाकर किसी के कहने पर कुछ भी फैसला लेने से बचे, क्योंकि आखिर उससे आपको ही गुजरना है। इसलिए मैं कहता हूं की आप अपनी स्वयं की बात सुने ।
इस कन्फ्यूजन में आपको ही सही फैसला लेना होगा। क्योंकि ये पूरी आपकी जिंदगी का सवाल है। ये दुनिया नही बता पायेगा की आपको क्या अच्छा लगता है, आप क्या सोचते है, आप किसमे अच्छे हैं, किसमे बेस्ट कर सकते हैं। अगर कोई सोच रहा होगा की ये पसंद नापसंद तो कोई भी बता सकता है, पर उनसे यही कहता हूँ की वो लोग बस अंदाजा लगाते है। पर आप स्वयं को खुद अच्छे से समझते हैं जानते हैं । तो आपको ही फैसला लेना होगा की आपको कहां जाना है किसकी बात सुनना है किसकी नही आपको आपके अंतरमन से आने वाली आवाज को कभी इग्नोर नही करना है, उसकी बातों को भी चिंतन करना है।
अगर आप बहुत ही ज्यादा कन्फ्यूजन में हैं, आप समझ नहीं पा रहे हैं की आपको क्या करना है, आपको क्या अच्छा लगता है तो आपको शांत मन से चिंतन करना है, अपने दिल की गहराई में झांककर देखना है स्वयं से सवाल करना है कि दरअसल आपको क्या चाहिए आपको क्या अच्छा लगता है आपका दिल आपसे क्या कहता है फिर उधर से जवाब आयेगा…….
तु वो ना कर जो ये दुनिया चाहता है
तु वो कर जो तेरा दिल चाहता है
आपको आपका दिल जवाब देगा की आप इस चिंता को छोड़ दीजिए की ये पूरी दुनिया क्या बोलता है, बस आप ये ध्यान दें कि एक्चुअली में आपका दिल आपसे क्या कहता है।
इन सभी बातों का कहने का तात्पर्य यह था कि हमें अपनी दिल की बात सुनना चाहिए कि कहीं बाद में ऐसा ना हो कि आप उससे पछताएं कि आप कुछ और करना चाह रहे थे और आप कुछ और कर बैठे सबसे बड़ी बात यह है कि एक बार बीता हुआ समय कभी लौट कर नहीं आयेगा ।
तो सुने सबकी पर करें दिल की
अब दोस्तों आपको समझ आ ही गया होगा की हमें आखिर क्यों अपने दिल की बात सुनना चाहिए।